Wednesday, 8 March 2017

हिंदी कविता "सिद्धांत"

"सिद्धान्त"

मनुष्य ....
सर्वज्ञ हो सुविज्ञ हो 
सुश्रव्य, सुविनित और
विश्रब्ध होना चाहिए ।

सार्वभौमिक् सत्य ...
एवं साकल्य ...
ह्रदयंगम हो ऐसा 
प्रतिमान होना चाहिए ।

विवेक सह विज्ञान के 
समदृष्टि से ....
स्व से शाश्वत सत्य में
प्रविष्ठ हो जाएँ ऐसा...
सिद्धान्त होना चाहिए ।।

©रजनिश प्रियदर्शी 
   06/12/2016

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