"सिद्धान्त"
मनुष्य ....
सर्वज्ञ हो सुविज्ञ हो
सुश्रव्य, सुविनित और
विश्रब्ध होना चाहिए ।
सार्वभौमिक् सत्य ...
एवं साकल्य ...
ह्रदयंगम हो ऐसा
प्रतिमान होना चाहिए ।
विवेक सह विज्ञान के
समदृष्टि से ....
स्व से शाश्वत सत्य में
प्रविष्ठ हो जाएँ ऐसा...
सिद्धान्त होना चाहिए ।।
©रजनिश प्रियदर्शी
06/12/2016
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